Categories
Learn & Grow

जहाँ सपनो को मिली नयी उड़ान ❤️ – सरोज अगरवाल

बचपन के उस मासूम लम्हे में ,
कुछ सपने संजोए थे मैंने।
तब कहां समझ पाए थे कि,
जिम्मेदारी की बेड़ियां पड़ेगी पैरों में।
कुछ अरमान रह गए दिल में,
कुछ मुक्कमल हो गए।
कुछ की तो धुंधली सी सी छाया अभी भी बाकी है दिल में।
समय की परतों को हटा कर वह ख्वाब कभी कभी झांकते हैं,
इस बढ़ती हुई दहलीज पर चुप चुप कर पंख फैलाते हैं।
फिर से जीने को मन्न करता है उन बचपन के हसीन ख्वाब को,
अपनी जिम्मेदारियों को पाते रख, कागज़ कलम उठाने को।
एक बार फिर जी लें अपने फिर वही सपने,
सोए अरमान को जगा कर फिर जी लें वही लम्ह हैं।
Dear Kavita and “CAFE “
❣️

-Saroj Agarwal.
इन्हीं सपनों को बदलने का मौका देता है ÇAFÉ.
ÇAFÉ हर हाउसवाइफ को सपने देखने की उड़ान देता है, सपने पूरे करने में मदद करता है और जीवन में सपनों को जीने का नया ढंग सिखाया है।

Saroj Agarwal,

Psychological Counsellor, WICCI WB Homepreneur Vice President.

Mann Ki Baat Co Founder

Leave a Reply

Your email address will not be published.